अधूरी प्रेम कहानी
बारिश की उस शाम को जब मैंने पहली बार उसे देखा, तो लगा जैसे वक़्त थम गया हो। वो कॉफ़ी शॉप के कोने में बैठी थी, किताब पढ़ रही थी। उसकी आँखों में एक अजीब सी गहराई थी जो मुझे खींच रही थी। मैंने हिम्मत जुटाई और उसकी टेबल पर जा बैठा। 'Excuse me, यह सीट ख़ाली है?' उसने मुस्कुराते हुए कहा, 'अब नहीं।' और इसी एक पल ने मेरी पूरी ज़िन्दगी बदल दी। --- College canteen की वो चाय आज भी याद है। Not because chai acchi thi — honestly it was terrible — but because that's where I first talked to her. She was arguing with the canteen wala about extra sugar. 'Bhaiya, itni cheeni kaun dalta hai? Diabetes dena hai kya?' I laughed. She turned and said, 'Tum has rahe ho? Tumhe bhi milegi extra sugar wali chai.' That was it. That was the beginning of us. --- बारिश की उस शाम को जब मैंने पहली बार उसे देखा, तो लगा जैसे वक़्त थम गया हो। वो कॉफ़ी शॉप के कोने में बैठी थी, किताब पढ़ रही थी। उसकी आँखों में एक अजीब सी गहराई थी जो मुझे खींच रही थी। मैंने हिम्मत जुटाई और उसकी टेबल पर जा बैठा। 'Excuse me, यह सीट ख़ाली है?' उसने मुस्कुराते हुए कहा, 'अब नहीं।' और इसी एक पल ने मेरी पूरी ज़िन्दगी बदल दी।